निकल गयी है आफ़िस को, मॉडर्न यशोदा मैया !
फ्रिज मे से बटर चुराए - प्यारे कृष्ण कन्हैया !!
लेट नाइट लौट के आए मीटिंग से बाबा नंद !
तब तक सो चुके थे, खा पी के बाल मुकुंद !!
वर्किंग यशोदा से माँगते, टाइम नंद के लाल !
नोट सौ का पकड़ा के - चल दी अपनी चाल !!
पिज़्ज़ा बर्गर पास्ता इन्स्टेंट नूडल का संजोग !
कहाँ मिलेगा कान्हा को, दिस डे - छप्पन भोग !!
न गौधूली बेरा देखी न देखे बछडे, न गैया !
न देखा पेड़ कदंब का, न देखी जमुना मैया !!
घर के बाहर ख़तरा है, जाएँ तो जाएँ किधर !
टीवी पर ही मस्त हैं अपने मुरलीधर !!