नन्ही सी वो एक परी सी,
फूलों की एक क्यारी सी
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची...
फूलों की एक क्यारी सी
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची...
हँसती है बदली जैसी
खुलकर लेकिन पगली जैसी
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची...
खुलकर लेकिन पगली जैसी
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची...
अचरज भारी निगाहों से
जब देखा करती है वो
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची..
जब देखा करती है वो
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची..
कभी कभी यूँ होता है
खामोश सी बैठी रहती है
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची..
खामोश सी बैठी रहती है
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची..
शरारतों का था बचपन...
आज बनी है वो दुल्हन
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची..
आज बनी है वो दुल्हन
बड़ी प्यारी लगती है बच्ची..
वो कल ही विदा हो जाएगी
घर सूना कर जाएगी...
ये अपनी प्यारी बच्ची ||
घर सूना कर जाएगी...
ये अपनी प्यारी बच्ची ||