ऐसा थप्पड़ मारिए होकर के शालीन !
रोते बने न हँस सके पीसे दाँत महीन !1!
आज अचानक हो गये असुरक्षित महामहीम !
जाते जाते बता गये क्या पाई तालीम !2!
बहुत दिनो से चूप हैं दिल्ली के महराज़ !
मिश्रा ने जब से खोल दिए आकर के कुछ राज़ !3!
व्यंग्य चुटीला खूब चुभे हंसते बने न रोए !
मारे मोदी ज़ोर लगे आवाज़ तनिक न होये !4!
बहुत घसीटा शाह ने रोए मियाँ पटेल !
एक सीट के चक्कर मे निकल गया सब तेल !5!
मोहरा मोहरा बिछा दिया पक्की कर दी हर !
हारी बाज़ी जीत ले गये अहमद लंदबरदार !6!
कबहुँ न साथ मिलाइए शत्रु का मूरख मित्र !
खेल बिगाड़े आपना दागी करे चरित्र !7!
मार्गदर्शक देख रहे मारग बैठे बैठे !
पद कोई भी मिला नही न कोई पानी पूछे !8!
न सबूत न जाँच परख सब कोर्ट कचहरी फेल !
महिला के आरोप पर नेता पुत्र को जैल !9!
स्त्री से दूरी राखिए चाहे अपनी होये !
बड़ी फ़ज़ीहत होये जो बीच बजरिय रोए !10!
हँसना रोना चीखना चुप्पी आँसू चार !
कुटिल नार के जानिए घातक ये हथियार !11!
अजय चंदेल