कानून की धाराओं को हम,
धता बता कर आये हैं।
न्यायव्यवस्था को अपनी,
मध्यमा दिखा कर आये हैं।
जेल से निकले हैं लेकिन, शर्म नाम की चीज़ नहीं, हम शर्म को CBI के, मुंह पर चिपकाकर आये हैं ।
धनबल आखिर क्या होता है, अब खुलकर दिखलायेंगे। जो कार्यवाही में शामिल थे, अब उनको मज़ा चखाएंगे।

जेल से निकले हैं लेकिन, शर्म नाम की चीज़ नहीं, हम शर्म को CBI के, मुंह पर चिपकाकर आये हैं ।
धनबल आखिर क्या होता है, अब खुलकर दिखलायेंगे। जो कार्यवाही में शामिल थे, अब उनको मज़ा चखाएंगे।
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