जनता कह रही है ...
दिल चीज़ क्या है? आप, मेरी जान लीजिये ..
बस एक बार मेरा कहा मान लीजिये |
आना है अगर, सत्ता में, फिर एक बार, दिक्कत, गरीब आदमी की पहचान लीजिये |
शिक्षक हैं,आपसे , बड़े नाराज़ अबकी बार, उनकी भी मांग पूरी तरह मान लीजिये |
है जातिगत जोड़ तोड़ बहुत, अबके चुनाव में, धरती पे लगा ,अपने ज़रा, कान लीजिये !!
घुस न सकें प्रदेश मे,ये ठान लीजिये ।।
पानी की है कमी बहुत, बुंदेलखंड में,
इस साल होगी कठिनाई. संज्ञान लीजिये ||
अधिकारियों ने बना रखी है ,अपनी जुगाड़ सब
इनके भी जरा खेल सब , पहचान लीजिये ||
हैं आपकी सरकार पे , इल्जाम बेशुमार,
एक एक करके सब समाधान कीजिये ||
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