हैं मेरे नैना,
दरस पी-आ-से |
कोई कहे जाके, ये तपस पिया से ||
नैनो में बस एक ही है सूरत,
लगते हैं सारे दिरस पिया से ||
** दिरस ( = दृश्य )
ये तो नहीं कि बस मैं हूँ व्याकुल,
वो भी हैं गाते सरस पी-हा-से ||
चुप ही रहूंगी, मैं सारा जीवन,
कुछ भी कहूँगी, तो बस पिया से ||
अजय चंदेल (01-02-2015)
कोई कहे जाके, ये तपस पिया से ||
** पी-आ-से (= प्यासे)
नैनो में बस एक ही है सूरत,
लगते हैं सारे दिरस पिया से ||
** दिरस ( = दृश्य )
ये तो नहीं कि बस मैं हूँ व्याकुल,
वो भी हैं गाते सरस पी-हा-से ||
** पी-हा-से ( = पपीहा की पीहा )
चुप ही रहूंगी, मैं सारा जीवन,
कुछ भी कहूँगी, तो बस पिया से ||
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