वर्षों तक Offshore घूम-घूम,
manager चरणों को चूम-चूम,
सह नाइट शिफ्ट, और वीकेंडर
एंप्लायी आये कुछ और निखर ।
सौभाग्य न सब दिन सोता है,
देखें, आगे क्या होता है ।
manager चरणों को चूम-चूम,
सह नाइट शिफ्ट, और वीकेंडर
एंप्लायी आये कुछ और निखर ।
सौभाग्य न सब दिन सोता है,
देखें, आगे क्या होता है ।
मैत्री की राह बताने को,
अपनी पगार बढ़वाने को
एच.आर. को समझाने को,
भीषण विध्वंस बचाने को,
एंप्लायी corporate office आये,
सब जन का संदेशा लाये।
अपनी पगार बढ़वाने को
एच.आर. को समझाने को,
भीषण विध्वंस बचाने को,
एंप्लायी corporate office आये,
सब जन का संदेशा लाये।
दो इनक्रिमेंट अगर तो आधा दो,
पर, इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो प्रतिशत पाँच मात्र,
रक्खो अपना Profit का पात्र |
हम वहीं खुशी से खायेंगे,
मॅनेज्मेंट पर असि न उठायेंगे!
पर, इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो प्रतिशत पाँच मात्र,
रक्खो अपना Profit का पात्र |
हम वहीं खुशी से खायेंगे,
मॅनेज्मेंट पर असि न उठायेंगे!
एच.आर. वह भी दे ना सका,
आशीष एंप्लायीस की ले न सका,
उलटे, एंप्लायी को बाँधने चला,
जो था असाध्य, साधने चला।
जब नाश Org पर छाता है,
पहले CEO भग जाता है।
आशीष एंप्लायीस की ले न सका,
उलटे, एंप्लायी को बाँधने चला,
जो था असाध्य, साधने चला।
जब नाश Org पर छाता है,
पहले CEO भग जाता है।
एंप्लायी ने भीषण हुंकार किया,
अपना रिज्यूम-विस्तार किया,
झटपट झटपट पोर्टल खोले,
एंप्लायी कुपित होकर बोले-
पॉलिसी बना कर साध मुझे,
हाँ, हाँ एच.आर ! बाँध मुझे।
अपना रिज्यूम-विस्तार किया,
झटपट झटपट पोर्टल खोले,
एंप्लायी कुपित होकर बोले-
पॉलिसी बना कर साध मुझे,
हाँ, हाँ एच.आर ! बाँध मुझे।
अगली रिलीज़ मुझमें लय है,
डॉक्युमेंट मुझमें लय है,
मुझमें विलीन प्रॉजेक्ट सकल,
मुझसे रहा है क्लाइंट संभल |
नालेज फूलता है मुझमें,
शिफ्ट झूलता है मुझमें।
डॉक्युमेंट मुझमें लय है,
मुझमें विलीन प्रॉजेक्ट सकल,
मुझसे रहा है क्लाइंट संभल |
नालेज फूलता है मुझमें,
शिफ्ट झूलता है मुझमें।
‘शत कोटि कोड, कस्टम, विशेष
शत कोटि इश्यू एरर कलेश,
शत कोटि मीटिंग, शत कोटि कॉल ,
शत कोटि कस्टमर के सवाल |
पॉलिसी बढ़ाकर साध इन्हें,
हाँ-हाँ एच.आर ! बाँध इन्हें।
शत कोटि इश्यू एरर कलेश,
शत कोटि मीटिंग, शत कोटि कॉल ,
शत कोटि कस्टमर के सवाल |
पॉलिसी बढ़ाकर साध इन्हें,
हाँ-हाँ एच.आर ! बाँध इन्हें।
मेरी पोजिशन भरने को,
तू Call मुझी को करता है
पोर्टलों को छान छान भी
मुझसा कोई न मिलता है
एक्सपीरियंस, मेरे स्किल्स देख
मेरे अंदर के थ्रिल्स देख
तू Call मुझी को करता है
पोर्टलों को छान छान भी
मुझसा कोई न मिलता है
एक्सपीरियंस, मेरे स्किल्स देख
मेरे अंदर के थ्रिल्स देख
‘दृग हों तो बिलिंग अकाण्ड देख,
मेरा लीव रिकॉर्ड देख,
फटा कोड सिलते सिलते,
रच डाला था ब्रह्माण्ड देख ।
शत कोटि करे सर्टिफिकेशन
शत कोटि मेरे कॉन्ट्रिब्यूशन
मेरा लीव रिकॉर्ड देख,
फटा कोड सिलते सिलते,
रच डाला था ब्रह्माण्ड देख ।
शत कोटि करे सर्टिफिकेशन
शत कोटि मेरे कॉन्ट्रिब्यूशन
‘त्योहारों पर रिलीज़ का काल देख,
रिकग्निशन मेल का जाल देख
और दीवाली पर पकड़ाया,
काजू कतली का थाल देख
हमसे ही डेस्क सजवाते हैं
ऐसे त्यौहार मानते हैं
रिकग्निशन मेल का जाल देख
और दीवाली पर पकड़ाया,
काजू कतली का थाल देख
हमसे ही डेस्क सजवाते हैं
ऐसे त्यौहार मानते हैं
‘जेब से निकले गुडीज़ - कठिन,
Vacation सुन कर कांपे मन
पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर,
वहां से ले लूंगा ऑफर !
मैं अभी मूँदता हूँ लोचन,
अब न देखूंगा escalation
Vacation सुन कर कांपे मन
पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर,
वहां से ले लूंगा ऑफर !
मैं अभी मूँदता हूँ लोचन,
अब न देखूंगा escalation
‘बाँधने मुझे तो आया है,
Policy का रोना लाया है?
यदि मुझे बाँधना चाहे मन,
Onsite भेज तत्काल चमन
Variable साध न सकता है,
वह मुझे बाँध कब सकता है?
Policy का रोना लाया है?
यदि मुझे बाँधना चाहे मन,
Onsite भेज तत्काल चमन
Variable साध न सकता है,
वह मुझे बाँध कब सकता है?
शिफ्ट टाइम साप्ताह देख,
गत और अनागत Call देख,
यह देख कोड का आदि-सृजन,
यह देख मेरे इंटीग्रेशन
यह देख, ओवरटाइम का रण,
अचीव्मेंट से पटी हुई भू है,
पहचान, इसमें कहाँ तू है।
गत और अनागत Call देख,
यह देख कोड का आदि-सृजन,
यह देख मेरे इंटीग्रेशन
यह देख, ओवरटाइम का रण,
अचीव्मेंट से पटी हुई भू है,
पहचान, इसमें कहाँ तू है।
‘हित-वचन नहीं तूने माना,
एंप्लायी का मूल्य न पहचाना,
तो ले, मैं भी अब जाता हूँ,
अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ।
याचना नहीं, अब रण होगा,
अब केवल रेसिग्नेशन होगा।
एंप्लायी का मूल्य न पहचाना,
तो ले, मैं भी अब जाता हूँ,
अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ।
याचना नहीं, अब रण होगा,
अब केवल रेसिग्नेशन होगा।
टकरायेंगे क्लाइंट और मॅनेजर
बरसेगी प्रॉजेक्ट पर वह्नि प्रखर,
प्रॉजेक्ट बजट अब डोलेगा,
हर केंडीडेट वृहद मुँह खोलेगा।
एच.आर. ! Attrition ऐसा होगा।
फिर कभी नहीं जैसा होगा।
बरसेगी प्रॉजेक्ट पर वह्नि प्रखर,
प्रॉजेक्ट बजट अब डोलेगा,
हर केंडीडेट वृहद मुँह खोलेगा।
एच.आर. ! Attrition ऐसा होगा।
फिर कभी नहीं जैसा होगा।
दस टके पर एंप्लायी टूटेंगे,
रेसिग्नेशन बूँद-से छूटेंगे,
अल्पज्ञानी सुख लूटेंगे,
सौभाग्य प्रॉजेक्ट के फूटेंगे।
आखिर तू भूशायी होगा,
Attrition का पर, दायी होगा।’
रेसिग्नेशन बूँद-से छूटेंगे,
अल्पज्ञानी सुख लूटेंगे,
सौभाग्य प्रॉजेक्ट के फूटेंगे।
आखिर तू भूशायी होगा,
Attrition का पर, दायी होगा।’
थी सभा सन्न, सब बैठे भरे ,
चुप थे या थे बेहोश पड़े।
केवल दो नर ना अघाते थे,
TL - Intern सुख पाते थे।
खीसें निपोरते खड़े प्रमुदित,
निर्लज, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’!
चुप थे या थे बेहोश पड़े।
केवल दो नर ना अघाते थे,
TL - Intern सुख पाते थे।
खीसें निपोरते खड़े प्रमुदित,
निर्लज, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’!
शानदार जबरदस्त ज़िंदाबाद
जवाब देंहटाएंवाह वाह उधेड़ के रख दिया। सही कहा कॉरपोरेट्स में यही तो सच्चाई है।
जवाब देंहटाएंजोरदार। एक प्राइवेट कर्मचारी के अंतर्मन का सपना...
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